पंजाब में “लॉरेंस ऑफ पंजाब” डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगने के बाद यह विवाद गंभीर मोड़ ले चुका है।
इस मामले में राज्य के कई बड़े नामों को जान से मारने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों को धमकी मिली है उनमें पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह का नाम शामिल है।
यह धमकी विदेशी व्हाट्सऐप नंबर से भेजी गई है। मैसेज में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। सभी को मैसेज आए हैं, जिसमें लिखा है कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री जरूर चलेगी और अपने कफन की तैयारी कर लो। किसी से पैसा नहीं लेंगे गोली संताली जा बम से उड़ने की तैयारी समझो लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप।’
व्हाट्सऐप पर भेजा गया मैसेज।
अब जानिए जिन लोगों को धमकी भरा मैसेज आया उन्होंने क्या किया –
1. राजा वड़िंग ने पीएम को पत्र लिखा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को पता चला कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर लॉरेंस ऑफ पंजाब नाम से एक डॉक्यूमेंट्री आ रही है, जो कि 27 तारीख को रिलीज होगी। इसके बाद राजा वड़िंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 को कानूनी नोटिस भेजकर इसे ‘पंजाबियत का अपमान’ बताया, जिसके बाद केंद्र ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की।
2. पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा
पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाने की मांग की। विशेष डीजीपी (साइबर क्राइम) वी नीरजा ने चेतावनी दी कि यह डॉक्यूमेंट्री संगठित अपराध का महिमामंडन करती है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
3. घावों पर नमक छिड़कने जैसा
सिगर सिद्धू मूलेवाला के पिता बलकौर सिंह ने डॉक्यूमेंट्री पर कहा था कि गैंगस्टरों का महिमामंडन युवाओं के लिए “जहर” के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहीदों या वैज्ञानिकों के बजाय उनके बेटे के हत्यारे पर डॉक्यूमेंट्री क्यों बनाई जा रही है। उन्होंने इसे पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया और तुरंत प्रतिबंध की मांग की।
रंधावा ने डॉक्यूमेंट्री को देश विरोधी बताया था
कांग्रेस सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री का कड़ा विरोध करते हुए इसे “देशविरोधी” और पंजाब की विरासत के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यह डॉक्यूमेंट्री अपराधियों का महिमामंडन करती है, जिससे युवाओं में “गन कल्चर” को बढ़ावा मिल सकता है।
रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ आवाज उठाने के बाद रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस प्रशासन को दे दी है।