पंजाब में गर्मी ने अब तेज़ रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने के संकेत हैं।
मौसम विभाग ने 21 से 23 अप्रैल के बीच लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। 20 अप्रैल को भले ही कोई आधिकारिक अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया, फिर भी यह सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बठिंडा में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि चंडीगढ़ में पारा 39.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के लिए काफी अधिक माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
तेज़ गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रमुख अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित कर दी हैं। लोगों से अपील की गई है कि यदि तेज़ बुखार, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की हिदायत दी गई है। वरिष्ठ डॉक्टरों की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की गई है ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।
किन जिलों में ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार 21 अप्रैल से संगरूर, पटियाला और मोहाली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। वहीं अमृतसर, तरनतारन, फिरोज़पुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में रात के समय भी गर्मी बनी रह सकती है।
22 और 23 अप्रैल को स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस दौरान संगरूर, पटियाला, मोहाली, लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब में लू के थपेड़े महसूस किए जा सकते हैं। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में रातें भी सामान्य से अधिक गर्म रहने की संभावना है।
मौसम में बदलाव की उम्मीद कम
19 अप्रैल की शाम को मौसम ने हल्का रुख बदला था, जिससे बारिश की उम्मीद जगी थी, लेकिन यह बदलाव अस्थायी साबित हुआ। अब फिलहाल बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है और गर्मी लगातार बढ़ने की आशंका है।
वैज्ञानिक कारण भी जिम्मेदार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मौसम पर पड़ रहा है। इसके साथ ही उत्तरी भारत में तेज़ जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं, जो तापमान को बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। 23 अप्रैल के बाद पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन इससे पंजाब में तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है।
क्या करें, क्या न करें
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। पंजाब में आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज़ हो सकता है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।