रूपनगर: पंजाब के रूपनगर जिले के 7 वर्षीय तेघबीर सिंह ने पर्वतारोहण की दुनिया में नया इतिहास रच दिया है। महज 7 साल 10 महीने की उम्र में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्थित 6,111 मीटर ऊंचे माउंट यूनम शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह 6,000 मीटर से अधिक ऊंची चोटी फतह करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन गए हैं।
शिवालिक पब्लिक स्कूल के कक्षा तीन के छात्र तेघबीर ने 7 जुलाई को अपने अभियान की शुरुआत की थी। ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन, कड़ाके की ठंड और कठिन रास्तों का सामना करते हुए उन्होंने 13 जुलाई को दोपहर 2:50 बजे शिखर पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस चढ़ाई को पर्वतम एक्सपेडिशन एंड ट्रैवल ने आधिकारिक तौर पर प्रमाणित भी किया है।
तेघबीर के पिता सुखिंदरदीप सिंह ने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए बेटे ने करीब छह महीने तक लगातार अभ्यास किया। पर्वतारोहण विशेषज्ञों की देखरेख में उसे फिटनेस, स्टैमिना, फेफड़ों की क्षमता और ऊंचाई पर शरीर को अनुकूल बनाने की विशेष ट्रेनिंग दी गई। अभियान से पहले उसने नेपाल के 235 किलोमीटर लंबे अन्नपूर्णा सर्किट ट्रेक को भी पूरा किया था, जिससे उसे ऊंचाई वाले इलाकों का अनुभव मिला।
उनकी मां डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि नियमित ट्रेनिंग के साथ पौष्टिक आहार और अनुशासित दिनचर्या ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं तेघबीर ने कहा कि रास्ता कठिन जरूर था, लेकिन लगातार मेहनत और हौसले ने उन्हें शिखर तक पहुंचा दिया।
यह तेघबीर की पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले वह नेपाल का अन्नपूर्णा सर्किट ट्रेक पूरा करने वाले सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बन चुके हैं। जून 2025 में उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस और अगस्त 2024 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो भी फतह की थी। इसके अलावा अप्रैल 2024 में महज 5 साल 7 महीने की उम्र में एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।