EPFO Update: नौकरी छोड़ने वालों के लिए नया नियम, ऐसे कैलकुलेट होगी राशि

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में बड़े बदलाव किए गए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी पेंशन योजना-2026 (EPS-2026) लागू कर दी है, जो 29 जून 2026 से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत 10 साल से पहले नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन और पेंशन फंड की निकासी के नियम बदल गए हैं।

नए नियमों के मुताबिक, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा। यदि कोई कर्मचारी इससे पहले नौकरी छोड़ देता है, तो वह मासिक पेंशन का हकदार नहीं होगा। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों का पैसा सुरक्षित रहेगा। वे Withdrawal Benefit के तहत एकमुश्त राशि ले सकते हैं या स्कीम सर्टिफिकेट बनवाकर भविष्य में EPFO से जुड़ी किसी दूसरी नौकरी में अपनी पिछली सेवा अवधि जोड़ सकते हैं।

तुरंत नहीं निकाल सकेंगे पेंशन फंड

EPS-2026 के तहत अब नौकरी छोड़ते ही पेंशन फंड निकालने की अनुमति नहीं होगी। कर्मचारी अपने खाते में आखिरी पेंशन अंशदान जमा होने की तारीख से 36 महीने (3 वर्ष) पूरे होने के बाद ही Withdrawal Benefit का दावा कर सकेंगे। हालांकि, यदि इस अवधि के दौरान कर्मचारी सेवानिवृत्ति की आयु पूरी कर लेता है, तो उसे तीन साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इस फॉर्मूले से तय होगी राशि

एकमुश्त मिलने वाली राशि Table-IV के आधार पर तय की जाएगी। इसके लिए कर्मचारी की पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary) को Table-IV Factor से गुणा किया जाएगा। यह फैक्टर कर्मचारी की कुल सेवा अवधि पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य वेतन 15,000 रुपये है और उसने 24 महीने (2 वर्ष) तक काम किया है, तो उसे लगभग 29,850 रुपये का Withdrawal Benefit मिलेगा। वहीं, 5 साल (60 महीने) की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को इसी वेतन पर करीब 75,300 रुपये की एकमुश्त राशि मिल सकती है।

यानी, सेवा अवधि जितनी अधिक होगी, Table-IV फैक्टर उतना बढ़ेगा और कर्मचारी को मिलने वाली एकमुश्त राशि भी उतनी ही अधिक होगी।

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