बरनाला: पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बरनाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। महल कलां टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले कुख्यात गैंगस्टर और उसके साथी को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर महल कलां थाना पुलिस, सीआईए स्टाफ और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह बरनाला-लुधियाना नेशनल हाईवे पर विशेष नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध सफेद वरना कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के रुकने के संकेत को नजरअंदाज करते हुए कार में सवार आरोपियों ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी।
फायरिंग के बाद पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए वाहन का पीछा किया। कुछ दूरी पर तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। मौके का फायदा उठाकर भागने से पहले ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरनाला जिले के गांव बख्तगढ़ निवासी अरसदीप सिंह उर्फ अर्सी और मोगा जिले के गांव रोता निवासी गुरसरन सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अरसदीप सिंह कई आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक 30 एमएम पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल तथा घटना में इस्तेमाल की गई वरना कार बरामद की गई। घटना के बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इनके तार किन गैंगों से जुड़े हैं और हाल के समय में किन आपराधिक वारदातों में इनकी भूमिका रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।