फरीदकोट : गांव पंजगराईं कलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों, खासकर शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात करने वालों के हर कथित कारनामे को जनता के सामने लाया जाएगा और उन्हें उनके कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने पंजाब को नशे, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली की ओर धकेला, जबकि मौजूदा सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के जरिए राज्य को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ सरकार एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध पंजाब के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बादल परिवार ने हमेशा अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी और प्रदेश को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अकाली नेताओं पर भरोसा किया, लेकिन उन्होंने जनता की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि खुद को किसान बताने वाले नेता बड़े-बड़े कारोबारी साम्राज्य और आलीशान संपत्तियों के मालिक कैसे बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग उन नेताओं की वास्तविकता से भलीभांति परिचित हैं, जिन्होंने वर्षों तक राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोगों को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों को संरक्षण देकर पंजाब के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 67,500 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और सिफारिश का दौर समाप्त हो चुका है और अब युवाओं को केवल योग्यता के आधार पर रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के पैसे का उपयोग लोगों की भलाई के लिए कर रही है। 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है। उन्होंने निजी थर्मल प्लांट की खरीद और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखने को भी ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लोग अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं। भगवंत मान ने कहा कि ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से पात्र महिलाओं को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी। इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के इस संबंध में उठाए गए कदमों को देश और विदेश में सराहना मिल रही है।