पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के लिए भारत से एक सुंदर सुनहरी फाइबर पालकी साहिब अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भेजी गई है। यह पालकी संत बाबा दर्शन सिंह कुल्ली वालों की प्रेरणा से बाबा गुरदेव सिंह कुल्ली वालों द्वारा तैयार करवाई गई है।
यह सेवा पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सिख श्रद्धालु भाई महेश सिंह की अपील पर की गई, ताकि गुरुद्वारे में संगत की सेवा के लिए नई पालकी साहिब स्थापित की जा सके।
सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पालकी साहिब को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से पाकिस्तान भेजा गया। इस पहल को सिख समुदाय के बीच प्रेम, श्रद्धा और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल माना जा रहा है। साथ ही, यह दोनों देशों के सिख श्रद्धालुओं के बीच सांझी विरासत और धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक भी है।