पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: अब वकीलों के कोर्ट चैंबरों को भी मिलेगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के अधिवक्ताओं को राहत देते हुए कोर्ट परिसरों में स्थित उनके चैंबरों को भी 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत शामिल कर लिया है। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए सभी पात्र आवेदनों का निपटारा 48 घंटे के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद कोर्ट परिसर में स्थित वकीलों के चैंबरों को घरेलू बिजली कनेक्शन की तरह मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। हालांकि, यह सुविधा केवल उन अधिवक्ताओं के लिए होगी जो पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में पंजीकृत हैं और जिनके चैंबर केवल वकालत के कार्य के लिए उपयोग किए जाते हैं।

PSPCL की अधिसूचना के अनुसार, यदि किसी चैंबर की बिजली खपत दो महीने में 600 यूनिट तक रहती है तो कोई बिजली बिल नहीं देना होगा। लेकिन यदि खपत 600 यूनिट से अधिक होती है तो उपभोक्ता को पूरे बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा।

बिजली निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले को पहले मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों से इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब PSPCL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बसंत गर्ग ने सभी सब-डिवीजन कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि पात्र वकीलों के आवेदन प्राप्त होने के दो दिनों के भीतर उनका निपटारा किया जाए।

यह फैसला राज्यभर के वकीलों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के समक्ष अपनी मांग रखने के बाद लिया गया है। हालांकि, कोर्ट परिसरों में मौजूद ऐसे चैंबर, जिनका इस्तेमाल कैंटीन, फोटोकॉपी सेंटर या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद इस योजना को लागू किया गया और वर्तमान में पंजाब के करीब 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसका लाभ उठा रहे हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पंजाब सरकार ने बिजली सब्सिडी के लिए 15,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 7,715 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र के लिए मुफ्त बिजली और 5,771 करोड़ रुपये घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वकीलों के चैंबरों को भी इस योजना में शामिल किए जाने से राज्य के बिजली सब्सिडी खर्च में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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