Bhagwan Mahavir के विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगेः PM Modi

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती है।

जंयती पर देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आज गुजरात में महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, “भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पवित्र अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को प्रकाशित करती रहती हैं। उनके आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी हैं और आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दयालुता पर उनका जोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है।”

एक अन्य पोस्ट में लिखा है, “सत्य, सद्भाव, सद्व्यवहार और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेशों में अद्भुत प्रेरणा है। उनके महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्। आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्॥”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गांधीनगर के कोबा तीर्थ स्थित सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। जहां सम्राट अशोक के पोते और जैन इतिहास के एक पूजनीय व्यक्ति सम्राट सम्प्रति के नाम पर नामित इस संग्रहालय में सात भाग हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के एक विशिष्ट पहलू को समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने संग्रहलाय की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया एक्स पर साझा की है। इसके साथ लिखा है, “कोबा तीर्थ स्थित सम्राट सम्प्रति संग्रहालय की कुछ झलकियां यहां प्रस्तुत हैं, जिसका आज उद्घाटन किया जाएगा। ईश्वर महावीर के विचार सदा मानवता को शक्ति और आशा प्रदान करते रहें।” प्रधानमंत्री के अनुसार, “यह संग्रहालय न केवल हमारी विरासत को संरक्षित करता है बल्कि अनुकरणीय जैन संस्कृति और समाज पर इसके स्थायी प्रभाव को भी प्रदर्शित करता है।”

संग्रहालय के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “इससे भारत के सेमीकंडक्टर हब बनने के प्रयासों को और गति मिलेगी। इससे भारत को उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनने में प्रोत्साहन मिलेगा।”

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