शहर के मुख्य कंपनी बाग चौक की ओर जाने वाले लोगों के लिए अहम सूचना है।
शहर के मुख्य कंपनी बाग चौक की ओर जाने वाले लोगों के लिए अहम सूचना है। यहां पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। चौंक में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों ने गुरुवार को केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। दरअसल, भारत में आज बंद का ऐलान किया गया है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन की ओर से भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ ट्रेड यूनियन, किसान संगठन और कर्मचारी संगठन के ऐलान पर हड़ताल की गई है। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न श्रमिक संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। देशभर में विभिन्न यूनियनों द्वारा घोषित बंद के तहत यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह केवल बैंकिंग क्षेत्र का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न विभागों में कार्यरत मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़ा व्यापक आंदोलन है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर नए श्रम कोड लागू किए जा रहे हैं, जिनसे कर्मचारियों के अधिकार और नौकरी की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इस दौरान केंद्र द्वारा 29 लेबर कानून को खत्म करके 4 लेबर कोर्ट को बनाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रर्दशनकारियों का कहना है कि, नई नीतियों के कारण काम के घंटों में वृद्धि, ठेका प्रथा को बढ़ावा और स्थायी नौकरियों में कमी जैसी चिंताएं सामने आ रही हैं। ये कानून जहर के बराबर है, जहां 14 घंटे काम करने कि लिए कहा जा रहा है। उनकी जॉब सिक्योरिटी सुरक्षित नहीं है। ऐसे करके उन्हें ठेके पर शिफ्ट किया जा रहा है। अभी उन्हें चाहे सैलरी कम मिल रही है लेकिन उनकी जॉब सुरक्षित है। उन्होंने अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अस्थायी नियुक्तियों के मॉडल से युवाओं के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यूनियन पदाधिकारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में लंबित भर्तियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि क्लर्क और अन्य कर्मचारियों के कई पद खाली पड़े हैं, जिससे काम का बोझ बढ़ रहा है। साथ ही, सप्ताह में 5 दिन कार्य प्रणाली लागू करने की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आपको बता दें कि, ये हड़ताल देशभर में चल रही है।