फगवाड़ा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
बता दें कि फगवाड़ा के गुरु नानकपुरा इलाके में एक रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत हो गई। घटना हादसा है,आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्होंने घर के एक कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। जब वे अंदर पहुंचे तो देखा कि इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें भी नहीं पता कि गोली कैसे चली।
मृतक की पहचान करमजीत सिंह संधू के रूप में हुई
मृतक की पहचान करमजीत सिंह संधू पुत्र सरदार चरणजीत सिंह संधू के तौर पर हुई है, जो फगवाड़ा के गुरु नानकपुरा इलाके के निवासी थे। वे लंबे समय तक फगवाड़ा पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रहे थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे।
इलाके में करमजीत सिंह संधू की अच्छी पहचान थी और वे सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे।
समाज सेवा में निभा रहे थे अहम भूमिका
इस मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्र के पूर्व पार्षद और वरिष्ठ अकाली नेता ठेकेदार बलजिंदर सिंह ने बताया कि करमजीत सिंह संधू गुरु नानकपुरा वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। वे समाजसेवा से जुड़े कई कार्यों में सक्रिय थे और स्थानीय लोगों में उनका सम्मान था।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव, सुसाइड नोट नहीं मिला
मामले की जांच कर रहे DSP फगवाड़ा भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल फगवाड़ा के शवगृह में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
DSP के अनुसार, मृतक के परिवारजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा हर एंगल से जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के नतीजों के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।