अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।
शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। इस बीच, अदालत ने मजीठिया की जेल में सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
अदालत में क्या हुआ
इस केस की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और कोर्ट ने अगली तारीख निर्धारित कर दी।
मजीठिया की गिरफ्तारी और हिरासत
गिरफ्तारी: तीन बार विधायक रह चुके बिक्रम मजीठिया को 25 जून को अमृतसर स्थित उनके आवास और 25 अन्य ठिकानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस टीम ने इस दौरान डिजिटल उपकरण, प्रॉपर्टी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए।
पुलिस रिमांड और न्यायिक हिरासत: 26 जून को मोहाली की अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा, जिसे बाद में चार दिन बढ़ाया गया। 6 जुलाई से मजीठिया न्यायिक हिरासत में हैं और वर्तमान में नाभा जेल में बंद हैं। उन्होंने रक्षा बंधन, दशहरा और दिवाली जेल में बिताई है।
चार्जशीट और मामले की गंभीरता
विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त को 40,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 200 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं।
यह मामला 2013 की ईडी जांच से जुड़ा है, जिसमें 6,000 करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था। शुरुआती जांच में मजीठिया का नाम पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह ने लिया था। हालांकि अदालतों ने ड्रग से जुड़े आरोप बाद में खारिज कर दिए, लेकिन मौजूदा मामले में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मुख्य विषय हैं।