Sarabjit Kaur कौर मामले में लाहौर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों से 2 हफ्ते में मांगी पूरी रिपोर्ट

पाकिस्तान के पंजाब हाईकोर्ट ने सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

पाकिस्तान के पंजाब (लाहौर) हाईकोर्ट ने सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार के कई बड़े अधिकारियों को दो हफ्ते के अंदर पूरी और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रधानमंत्री की कैबिनेट, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, एफआईए के डीजी, पंजाब पुलिस के आईजी, ईटीपीबी (एवाक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड) और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने किन सवालों के जवाब मांगे?
हाईकोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में इन अहम बिंदुओं पर साफ जानकारी देने को कहा है—
-सरबजीत कौर सिख जत्थे से कैसे और किन हालात में अलग हुईं
-उनका डिपोर्टेशन (भारत भेजने) का मामला अभी किस स्थिति में है
-उन्हें कानूनी रूप से किस संस्था या अधिकारी के हवाले किया गया
-जिन पुलिस अधिकारियों की लापरवाही सामने आई, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई
-यात्रा वीजा के गलत इस्तेमाल से सिख समुदाय को कितना नुकसान हुआ
शादी का वीडियो आने से बढ़ा विवाद
सरबजीत कौर उस वक्त चर्चा में आईं जब उनकी शादी का एक वीडियो सामने आया। बताया गया कि उन्होंने लाहौर के नासिर हुसैन से शादी की और इस्लाम कबूल कर अपना नाम नूर फातिमा रख लिया। फिलहाल सरबजीत कौर को लाहौर के दारुल अमान (महिला संरक्षण गृह) में रखा गया है।
मेडिकल जांच में सेहत ठीक पाई गई
दारुल अमान में डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम ने सरबजीत कौर की जांच की। रिपोर्ट में उनकी सेहत को पूरी तरह ठीक बताया गया है। हालांकि, मेडिकल क्लियरेंस मिलने के बावजूद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय (इंटीरियर मिनिस्ट्री) ने अब तक उन्हें भारत भेजने के लिए एग्जिट परमिट पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
वकील ने शरण लेने के दावों को बताया गलत
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले वकील अली चेंजेजी संधू ने कहा है कि सरबजीत कौर के शरण लेने के दावे सही नहीं हैं। उनका कहना है कि जैसे ही ट्रैवल परमिट जारी होता है, सरबजीत को अगले हफ्ते तक भारत भेजा जा सकता है।
गुरु नानक जयंती पर गई थीं पाकिस्तान
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक जयंती के मौके पर सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान के ननकाना साहिब गई थीं। 13 नवंबर 2025 को जब जत्था भारत लौटा, तब सरबजीत कौर उनके साथ वापस नहीं आईं, जबकि उनका वीजा उसी दिन खत्म हो चुका था।
वीजा नियम तोड़ने पर हुई गिरफ्तारी
वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद पाकिस्तान में रुकने के चलते 4 जनवरी 2026 को ननकाना साहिब के पास सरबजीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। 5 जनवरी को उन्हें भारत भेजने की कोशिश की गई, लेकिन वाघा बॉर्डर बंद होने और कानूनी अड़चनों के कारण डिपोर्टेशन नहीं हो सका।
पाकिस्तान में चल रही हैं दो याचिकाएं
इस समय पाकिस्तान की अदालतों में सरबजीत कौर को लेकर दो अलग-अलग याचिकाएं चल रही हैं- एक याचिका में उन्हें पाकिस्तानी नागरिकता और सुरक्षा देने की मांग की गई है।दूसरी याचिका में उन्हें तुरंत भारत डिपोर्ट करने की अपील की गई है।
सरबजीत कौर की पाकिस्तान में पूरी टाइमलाइन
-4 नवंबर 2025 – यात्रा वीजा पर पाकिस्तान पहुंचीं
-13 नवंबर 2025 – वीजा खत्म, जत्था भारत लौटा, सरबजीत वहीं रहीं
-4 जनवरी 2026 – ओवरस्टे के आरोप में गिरफ्तारी
-5 जनवरी 2026 – डिपोर्टेशन की कोशिश, लेकिन नाकाम
-6 जनवरी 2026 – दारुल अमान भेजा गया
-9 जनवरी 2026 – मेडिकल जांच, सेहत ठीक पाई गई
-10 जनवरी 2026 – लाहौर हाईकोर्ट ने 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
-10 जनवरी 2026 – पाक मंत्री तलाल चौधरी ने निगरानी की, लेकिन अंतिम फैसला लंबित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *