विजय हजारे ट्रॉफी के 7वें राउंड के मुकाबले में बड़ौदा ने चंडीगढ़ को 149 रनों से हरा दिया.
विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक पंड्या ने एक बार फिर कमाल प्रदर्शन किया. इस खिलाड़ी ने चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी टीम को दमदार जीत दिलाई. पहले बल्लेबाजी करते हुए बढ़ौदा ने 391 रन बनाए और जवाब में चंडीगढ़ की टीम 242 रनों पर ढेर हो गई. हार्दिक पंड्या ने इस मुकाबले में 31 गेंदों में 75 रन बनाए. उन्होंने अपनी पारी में 9 छक्के और 2 चौके लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 240 से ज्यादा रहा. लेकिन इसके बाद पंड्या ने कुछ ऐसा किया जो बीसीसीआई के नियमों के खिलाफ था.
पंड्या ने नहीं मानी बीसीसीआई की बात
दरअसल चंडीगढ़ के खिलाफ 75 रनों की पारी खेलने के बाद पंड्या गेंदबाजी करने भी आ गए. उन्होंने ओपन बॉलिंग तो की ही साथ ही 10 ओवर भी फेंक दिए. अपने स्पेल में पंड्या ने 10 ओवर में 66 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. यहां खास बात ये है कि पंड्या को बीसीसीआई सीओई ने बॉलिंग की इजाजत नहीं दी है.
न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का सेलेक्शन हुआ तो बीसीसीआई ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि पंड्या 10 ओवर कराने के लिए फिट नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद इस खिलाड़ी ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने कोटे के सारे ओवर फेंक दिए. हार्दिक पंड्या को सीओई ने टी20 वर्ल्ड कप के मद्देनजर बचाकर रखा हुआ है और ये खिलाड़ी विजय हजारे ट्रॉफी में पूरे 10 ओवर फेंक रहा है. पंड्या को इस वजह से बीसीसीआई की लताड़ भी पड़ सकती है. हालांकि ये भी मुमकिन है कि इस ऑलराउंडर ने चंडीगढ़ के खिलाफ मैच से पहले इसकी इजाजत ली हो.
हार्दिक पंड्या का कमाल
हार्दिक पंड्या ने विजय हजारे ट्रॉफी में कमाल प्रदर्शन किया है चंडीगढ़ के खिलाफ 75 रन बनाने के अलावा ये खिलाड़ी विदर्भ के खिलाफ भी जमकर बरसा था. पंड्या ने 133 रनों की पारी खेली थी. पंड्या पिछले 2 मैचों में 20 छक्के लगा चुके हैं. पंड्या अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलते नजर आएंगे.