पंजाब में नशे की चुनौती से सख़्ती से निपटने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने राज्यव्यापी अभियान ‘युद्ध नशियों विरुद्ध’ को और तेज़ कर दिया है।
पंजाब में नशे की चुनौती से सख़्ती से निपटने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने राज्यव्यापी अभियान ‘युद्ध नशियों विरुद्ध’ को और तेज़ कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में फरवरी 2025 में शुरू की गई यह पहल अब एक बहुआयामी जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसका लक्ष्य कानूनी कार्रवाई से लेकर नशामुक्ति, सामुदायिक भागीदारी और युवा जागरूकता तक विस्तृत है।
जन-भागीदारी पर ज़ोर
मुख्यमंत्री मान ने इसे “सरकार बनाम नशा” नहीं बल्कि “जनता बनाम नशा” का अभियान बताते हुए कहा कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी ही इसका सबसे मजबूत आधार होगी। इसी उद्देश्य से गांवों और वार्ड स्तर पर रक्षा समितियाँ गठित की गई हैं, जो नशे से संबंधित गतिविधियों पर नज़र रखकर प्रशासन को तत्काल जानकारी देंगी।
राज्यभर में तीव्र छापेमारी और कानूनी कार्रवाई
अभियान की शुरुआत के बाद पंजाब पुलिस ने व्यापक तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया है। पुलिस ने कई तस्करों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में हेरोइन, अफीम और विभिन्न सिंथेटिक नशे बरामद किए हैं। अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए तस्करों की संपत्तियाँ कुर्क करने और गिरोहों के आर्थिक ढांचे को तोड़ने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं।
नशा पीड़ितों के लिए बेहतर पुनर्वास व्यवस्था
सरकार का कहना है कि अभियान का असली उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि नशा पीड़ितों का पुनर्वास और समाज में उनका पुनर्प्रवेश है। राज्यभर में नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। आगे ‘सूरमा योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत नशामुक्त होकर ठीक हो चुके लोग सामुदायिक दूत बनकर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को सही दिशा दिखाएँगे।
युवाओं को जागरूक करने पर विशेष ध्यान
भविष्य की पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए सरकार ने सरकारी स्कूलों में वैज्ञानिक शोध पर आधारित नशा-विरोधी पाठ्यक्रम लागू किया है। साथ ही जन-जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, रैलियाँ और मीडिया कैंपेन लगातार जारी हैं, जिनमें नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
व्हाट्सऐप हेल्पलाइन से गोपनीय सूचना साझा करने की सुविधा
सरकार ने नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 9779100200 शुरू की है। इसके माध्यम से नागरिक बिना पहचान उजागर किए प्रशासन को महत्वपूर्ण सूचनाएँ उपलब्ध करा सकते हैं।