सिक्किम टनल हादसे में 25 मजदूरों की मौत, चार दिन तक चला रेस्क्यू अभियान; कारणों की होगी विस्तृत जांच

गंगटोक: सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे के बाद चार दिन तक चले राहत एवं बचाव अभियान का समापन हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग में फंसे सभी 25 मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना की पुष्टि एनएचपीसी (NHPC) ने की है।

जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन हेड रेस टनल (HRT) में अचानक हादसा हुआ। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस के विस्फोट के कारण चट्टानें ढह गईं, जिससे सुरंग में धुआं और जहरीली गैस फैल गई। इसी वजह से अंदर मौजूद मजदूर बाहर नहीं निकल सके।

रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, सेना और केंद्र व राज्य सरकार की कई एजेंसियों ने मिलकर लगातार चार दिनों तक अभियान चलाया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने सभी मजदूरों के शव बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

हादसे के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही की भी पड़ताल की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

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