चंडीगढ़:
पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बरनाला जिले के महलकलां में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन पंजाब की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक साबित होगा, क्योंकि राज्य सरकार अपनी एक और बड़ी गारंटी को पूरा कर रही है। योजना के तहत दोपहर 12 बजे के बाद महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक खातों में राशि जमा होने के संदेश आने शुरू हो जाएंगे।

सरकार के अनुसार, सामान्य वर्ग की महिलाओं के खातों में तीन महीने की पहली किस्त के रूप में 3,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं के खातों में 4,000 रुपये की सम्मान राशि एकमुश्त जमा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई से इस योजना के तहत प्रत्येक महिला को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। खास बात यह है कि जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र रहेंगी।

सरकार का दावा है कि पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है। उन्होंने मुफ्त बिजली, सरकारी नौकरियों में भर्ती, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, टोल प्लाजा बंद करने तथा शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए नहरों के पानी के उपयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और गांवों के विकास के लिए भी बड़े स्तर पर अनुदान जारी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और अब तक लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।