Indigo संकट पर PM MODI का आया बयान, कहा- जनता को परेशान करने के लिए नियम न बनाएं

देश भर में चल रहे इंडिगो संकट पर सख्त रुख अपनाते पीएम मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

देश भर में चल रहे इंडिगो संकट पर सख्त रुख अपनाते पीएम मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिगो संकट पर कहा है कि सरकार द्वारा बनाए गए नियमों और प्रावधानों से भारतीय नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को दी। एनडीए सांसदों की बैठक में पीएम ने कहा कि नियम इसलिए होते हैं कि व्यवस्था बेहतर हो, न कि जनता को परेशान करने के लिए।

इंडिगो एयरलाइंस में चल रहा संकट…

हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस की कई फ्लाइट्स तकनीकी खराबी और दूसरे कारणों की वजह से देर से चल रही हैं। कई उड़ानें घंटों लेट हो रही हैं। कई फ्लाइट्स रद्द भी हुई हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

पीएम मोदी ने क्या कहा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि एनडीए सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थिति पर साफ शब्दों में अपनी बात रखी। पीएम मोदी का कहना था नियम बनते हैं लोगों की सुविधा के लिए, परेशानी के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी नियम या कानून का उद्देश्य सिस्टम को बेहतर बनाना होता है। प्रशासन को मजबूत करना। आम लोगों की जिंदगी आसान करना। न कि लोगों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा करना। पीएम का जोर इस बात पर था कि सरकार जितनी भी नीतियां बनाती है, उनका सीधा असर जनता पर पड़ता है। इसलिए नियम बनाते समय संवेदनशीलता और समझदारी जरूरी है।

इंडिगो संकट पर पीएम मोदी ने दी ये प्रतिक्रिया

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बैठक में इंडिगो की मौजूदा स्थिति का जिक्र भी किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि तुरंत कार्रवाई की जाए। यात्रियों की परेशानी को कम किया जाए। फ्लाइट सेवाओं को जल्द सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि यात्रियों को कम से कम दिक्कतें हों और एयरलाइन का संचालन सुचारू रहे।

सरकार की प्राथमिकता क्या है

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिक को आराम देना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। किसी भी संकट में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सबसे ऊपर होती है। सिस्टम कितना भी बड़ा क्यों न हो, आम आदमी की परेशानी बढ़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता

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