Tarn Taran by-election में AAP की प्रचंड जीत; जनता ने काम की राजनीति पर लगाई मुहर: Anurag Dhanda

पंजाब की जनता अब दिल्ली या हरियाणा से आयातित नेताओं के दिखावे से प्रभावित नहीं होती।

 पंजाब के तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत पर आप के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पंजाब की जनता अब दिल्ली या हरियाणा से आयातित नेताओं के दिखावे से प्रभावित नहीं होती। यह जीत मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के जनहित कार्यों की सशक्त मुहर और अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी की राजनीति की गूंज है। अनुराग ढांडा ने कहा कि यह जीत पंजाब की जनता का बीजेपी और कांग्रेस दोनों को करारा जवाब है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह तरनतारन में एक दिन प्रचार करने आए, लेकिन जनता ने उन्हें बता दिया कि अब कांग्रेस और बीजेपी के बहकावे में नहीं आएंगे। नतीजा यह हुआ कि बीजेपी की जमानत तक जब्त हो गई। अनुराग ढांडा ने कहा कि नायब सिंह सैनी का प्रचार तरनतारन में बीजेपी के लिए ‘शुभ’ नहीं बल्कि ‘शाप’ साबित हुआ। उनकी छवि पहले से ही हरियाणा में एक फेल मुख्यमंत्री के रूप में बन चुकी है, जनता को राहत देने के बजाय उनके कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की परेशानी बढ़ी है। यही नेगेटिव छवि पंजाब में भी बीजेपी पर भारी पड़ी।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने साफ संदेश दिया है कि जो जनता के काम करेगा, वही जनता का दिल जीतेगा। अरविंद केजरीवाल का विकास मॉडल आज पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुका है, इससे पहले भ गुजरात और पंजाब के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी। अब चाहे वह मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो, मोहल्ला क्लीनिकों में इलाज हो, किसानों के लिए राहत योजनाएं हों, या बिजली बिलों से आम आदमी को मिली राहत- मान सरकार ने हर मोर्चे पर जनता का भरोसा जीता है।अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि तरनतारन की जीत यह बताती है कि पंजाब अब झूठे राष्ट्रवाद और नफरत की राजनीति को सिरे से नकार चुका है। यहां जनता सेवा की राजनीति को स्वीकारती है, सत्ता के अहंकार
को नहीं।
उन्होंने कहा कि यह जीत मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व, ईमानदार शासन और आम आदमी पार्टी के हर कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। यह जीत बताती है कि पंजाब में अब सिर्फ काम की राजनीति चलेगी, झूठे सपने दिखाने वालों की नहीं। अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों को अब यह समझ लेना चाहिए कि पंजाब में कोई बाहरी चेहरा चुनाव नहीं जिता सकता। यहां जनता सिर्फ उसी को वोट देती है जो उसके बीच रहकर उसके दुख-दर्द को समङो और उस पर काम करे। तरनतारन की जीत सिर्फ एक सीट की नहीं, पंजाब के स्वाभिमान, ईमानदारी और इंसाफ की जीत है। पंजाब ने साफ कर दिया है, यह राज्य काम वालों का है, नाकामी और दिखावे की राजनीति करने वालों का नहीं।

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