कृति सेनन ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान देने संग निवेश करने की दी सलाह, वर्ल्ड हेल्थ समिट में बोलने वाली बनीं पहली Indian Actress

कृति सेनन ने इतिहास रच दिया है।

कृति सेनन ने इतिहास रच दिया है। दरअसल, वे बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड हेल्थ समिट 2025 में बोलने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस बन गईं हैं। एक एक्ट्रेस, प्रोड्यूसर और UNFPA इंडिया की जेंडर इक्वालिटी की ऑनरेरी एम्बेसडर के रूप में उन्होंने इस ग्लोबल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल महिलाओं के स्वास्थ्य में साहसिक और लंबे समय तक रहने वाले निवेश की जरूरत पर जोर देने के लिए किया है। उन्होंने इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पर भी रोशनी डाली है।
हाय लेवल सेशन “विमेंस हेल्थ – ग्लोबल वेल्थ: कैटलाइजिंग रिटर्न्स ऑन बोल्ड इंवेस्टमेंट्स” में बोलते हुए कृति सेनन ने कहा कि दुनिया की आधी आबादी होने के बावजूद महिलाओं के स्वास्थ्य पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं होता। सेनन ने अपने स्पीच में कहा, “महिलाओं का स्वास्थ्य कोई मामूली बात नहीं है। यह इंसानियत की प्रगति, खुशहाली और भविष्य की नींव है।”
उन्होंने कार्रवाई की जरूरत को दिखाने के लिए एक अहम आंकड़ा बताया, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य में हर 300 मिलियन डॉलर का निवेश करीब 13 बिलियन डॉलर का फायदा दे सकता है, यानी लगभग नौ गुना बढ़त। उन्होंने कहा, “महिलाओं के स्वास्थ्य में निवेश सिर्फ सही काम करना नहीं है; यह हमारे साझा भविष्य में समझदारी भरा कदम है। जब महिलाएं स्वस्थ होती हैं, तो वे तरक्की कर सकती हैं, और उनके परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था भी आगे बढ़ती है। हमें सिर्फ आंकड़े दिखाने से आगे बढ़कर हिम्मत वाला और साफ-सुथरा कदम उठाना होगा।”
सेनन ने आगे कहा, “उसके लिए कुछ नहीं, तो उसके बिना कुछ नहीं,” और जोर दिया कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को उनकी सेहत और शरीर से जुड़े फैसलों में शामिल किया जाए। उन्होंने अपनी हाल की यात्राओं के अनुभव भी साझा किए, जहां उन्होंने बाल विवाह, मातृत्व स्वास्थ्य की कमी और स्वास्थ्य व्यवस्था में युवा महिलाओं की अनदेखी जैसी हकीकतें देखीं। इन कहानियों के जरिए उन्होंने दिखाया कि सही समय पर किए गए कदम जीवन बदल सकते हैं।
सेनन की मौजूदगी इस सम्मेलन में दिखाती है कि भारत की आवाज़ महिलाओं और स्वास्थ्य के मुद्दों पर दुनिया में भी सुनी जा रही है। UNFPA इंडिया की एम्बेसडर के रूप में, वह सभी के लिए यौन और प्रजनन स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य सेवाएं और किशोर लड़कियों को स्वास्थ्य संबंधी फैसलों में शामिल करने के लिए काम कर रही हैं।

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