Punjabi सिंगर Rajveer Jawanda की मौत को लेकर बड़ा खुलासा, जानें हिमाचल में हुआ था क्या?

मशहूर पंजाबी सिंगर और एक्टर राजवीर जावंदा की मौत को लेकर अब एक नया खुलासा सामने आया है।

 मशहूर पंजाबी सिंगर और एक्टर राजवीर जावंदा की मौत को लेकर अब एक नया खुलासा सामने आया है। पहले यह कहा जा रहा था कि राजवीर की बाइक हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, लेकिन हालिया जांच में सामने आया है कि दुर्घटना दरअसल हरियाणा के पिंजौर इलाके में हुई थी। इसके साथ ही उनके इलाज में संभावित लापरवाही का मामला भी अब सामने आया है।
प्राथमिक इलाज से इनकार, तीन अस्पतालों में भटके परिजन
जानकारी के सानुसार, गंभीर रूप से घायल जावंदा को शुरुआत में पिंजौर के शौरी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि वहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा तक नहीं दी गई। इसके बाद उन्हें क्रमश: सिविल अस्पताल पंचकूला, फिर पारस हॉस्पिटल, और अंत में फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली ले जाया गया। लेकिन लगातार 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद 8 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल के महासचिव एडवोकेट नवकीरन सिंह द्वारा एक स्वतंत्र पत्रकार के साथ की गई जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है। पिंजौर पुलिस स्टेशन से प्राप्त डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) के अनुसार, राजवीर सिंह जावंदा का एक्सीडेंट पिंजौर की सीमा के पास हुआ था, और उन्हें समय रहते जरूरी इलाज नहीं मिल सका।
संगठन का कहना है कि जिस तरह से एक निजी अस्पताल ने उन्हें इलाज देने से इनकार किया, वह चिकित्सकीय लापरवाही की श्रेणी में आता है, और इसी वजह से उनकी जान गई। अब इस मामले को माननीय हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा।
आवारा पशु और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों कटघरे में
राजवीर जावंदा की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर सड़क सुरक्षा, आवारा पशुओं की समस्या और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर। बताया गया है कि उनका एक्सीडेंट सड़क पर अचानक आए एक आवारा पशु के कारण हुआ।
गौरतलब है कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर सरकार से पूछा गया था कि जब पशु कल्याण के नाम पर लाखों रुपये का सेस वसूला जा रहा है, तो फिर सड़कें आवारा पशुओं से क्यों पटी पड़ी हैं।
27 सितंबर को हुआ हादसा
राजवीर जावंदा न सिर्फ एक लोकप्रिय पंजाबी गायक थे, बल्कि फिल्मों में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई थी। 27 सितंबर को जब हादसा हुआ, वे शिमला की ओर जा रहे थे। अपने जीवन के अंतिम 11 दिन उन्होंने अस्पताल में जिंदगी से लड़ते हुए बिताए, लेकिन 8 अक्टूबर 2025 को 35 वर्ष की उम्र में वे इस दुनिया को अलविदा कह गए।

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